मुख्यदेवी-देवताभगवान विष्णु
सृष्टि के पालनकर्ता

भगवान विष्णु

भगवान विष्णु सृष्टि के पालनकर्ता व त्रिदेवों में से एक हैं, जो धर्म की रक्षा हेतु युग-युग में विभिन्न अवतार लेते हैं। यहां उनसे जुड़ी सभी चालीसा, आरती, कथा, एकादशी व्रत व मंदिर एक साथ उपलब्ध हैं।

भगवान विष्णु

भगवान विष्णु माहात्म्य

हिंदू मान्यता के अनुसार भगवान ब्रह्मा सृष्टि की रचना करते हैं, भगवान शिव उसका संहार करते हैं, तथा भगवान विष्णु उसके मध्य पालन व संतुलन बनाए रखते हैं। वे क्षीरसागर में शेषनाग की शय्या पर विराजमान रहते हैं, तथा जब भी धर्म पर संकट आता है, तब वे किसी न किसी रूप में अवतार लेकर उसकी रक्षा करते हैं।

उनके दस प्रमुख अवतार, अर्थात दशावतार, मत्स्य, कूर्म, वराह, नृसिंह, वामन, परशुराम, राम, कृष्ण, बुद्ध व कल्कि माने जाते हैं, जिनमें राम व कृष्ण को स्वतंत्र रूप से विस्तृत पूजा प्राप्त है। नृसिंह अवतार में उन्होंने भक्त प्रह्लाद की रक्षा हेतु हिरण्यकशिपु का वध किया था, तथा वामन अवतार में राजा बलि से तीन पग भूमि मांगकर उसका दंभ दूर किया था।

उनके चार हाथों में सुदर्शन चक्र, शंख, गदा व पद्म सुशोभित रहते हैं, तथा उनका वाहन गरुड़ है। एकादशी तिथि उन्हें विशेष प्रिय मानी जाती है, जिस कारण प्रत्येक माह की दोनों एकादशियों पर उनका व्रत रखा जाता है, तथा सत्यनारायण कथा व सत्यनारायण व्रत के माध्यम से भी उनकी विशेष आराधना की जाती है।

भगवान विष्णु से जुड़े पाठ

पर्व एवं व्रत

Festivals & Vrats

भगवान विष्णु के बारे में

यह पृष्ठ भगवान विष्णु से जुड़े सभी पाठों, अर्थात चालीसा, आरती, कथा, एकादशी व्रत व मंदिरों का एक संग्रह है, जो एक ही स्थान पर सुलभ है।

इस पृष्ठ की जानकारी बड़े अक्षरों व प्रिंट सुविधा सहित उपलब्ध है।

सामान्य प्रश्न

भगवान विष्णु का त्रिदेव में क्या स्थान है?

त्रिदेव में भगवान ब्रह्मा सृष्टि-रचना, भगवान शिव संहार तथा भगवान विष्णु पालन व संतुलन का दायित्व निभाते हैं।

भगवान विष्णु के दस अवतार कौन-से हैं?

उनके दशावतार मत्स्य, कूर्म, वराह, नृसिंह, वामन, परशुराम, राम, कृष्ण, बुद्ध व कल्कि माने जाते हैं।

एकादशी व्रत भगवान विष्णु से क्यों जुड़ा है?

एकादशी तिथि उन्हें विशेष प्रिय मानी जाती है, जिस कारण प्रत्येक माह की दोनों एकादशियों पर उनकी विशेष पूजा व व्रत का विधान है।

भगवान विष्णु के हाथों में क्या-क्या सुशोभित है?

उनके चार हाथों में सुदर्शन चक्र, शंख, गदा व पद्म सुशोभित रहते हैं, तथा उनका वाहन गरुड़ है।

संबंधित खोज

मुख्य जानकारी

भूमिकासृष्टि के पालनकर्ता (त्रिदेव)
निवासक्षीरसागर (शेषनाग शय्या) व वैकुंठ
पत्नीमाँ लक्ष्मी
वाहनगरुड़
आयुधसुदर्शन चक्र, शंख, गदा, पद्म
प्रमुख अवतारराम, कृष्ण, नृसिंह, वामन सहित दस अवतार
प्रमुख मंत्रॐ नमो भगवते वासुदेवाय