मां दुर्गा
मां दुर्गा आदि शक्ति की वह रूप हैं, जो दुष्टों के संहार व सृष्टि की रक्षा हेतु प्रकट होती हैं। सिंह पर सवार, त्रिशूलधारी मां दुर्गा को नौ रूपों (नवदुर्गा) में पूजा जाता है, तथा उनकी सबसे बड़ी उपासना नवरात्रि के नौ दिनों में होती है। यहां उनसे जुड़ी सभी चालीसा, आरती, पर्व व मंदिर एक साथ उपलब्ध हैं।

मां दुर्गा माहात्म्य
मान्यता है कि जब महिषासुर नामक असुर ने अपने बल से तीनों लोकों पर आतंक मचाया, तथा किसी भी देवता से पराजित न हो सका, तब सभी देवताओं के तेज से मां दुर्गा प्रकट हुईं, तथा नौ दिन-रात्रि के भीषण युद्ध पश्चात महिषासुर का वध किया। इसी विजय की स्मृति में नवरात्रि व विजयादशमी मनाई जाती है।
मां दुर्गा को शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी व सिद्धिदात्री, इन नौ स्वरूपों (नवदुर्गा) में पूजा जाता है, जिनमें से प्रत्येक की पूजा नवरात्रि के एक-एक दिन की जाती है।
मान्यता है कि युद्ध से पूर्व सभी देवताओं ने अपने-अपने अस्त्र मां दुर्गा को प्रदान किए थे, जैसे भगवान शिव का त्रिशूल, भगवान विष्णु का चक्र व इंद्र का वज्र, जिससे वे सुसज्जित होकर महिषासुर से युद्ध कर सकीं। काली, अम्बे व कात्यायनी जैसे उनके अनेक स्वरूप भारत के विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग नामों व परंपराओं के साथ पूजे जाते हैं, तथा पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा उनकी सबसे भव्य उपासना मानी जाती है।
मां दुर्गा से जुड़े पाठ
चालीसा
Chalisaव्रत कथा
Vrat Kathaपर्व एवं व्रत
Festivals & Vratsमंदिर
Templesमां दुर्गा के बारे में
यह पृष्ठ मां दुर्गा से जुड़े सभी पाठों, अर्थात चालीसा, आरती, व्रत-कथा, पर्व व मंदिरों का एक संग्रह है, जो एक ही स्थान पर सुलभ है।
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सामान्य प्रश्न
नवदुर्गा क्या हैं?
नवदुर्गा मां दुर्गा के नौ स्वरूप हैं, अर्थात शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी व सिद्धिदात्री, जिनकी पूजा नवरात्रि के नौ दिनों में होती है।
नवरात्रि वर्ष में कितनी बार आती है?
मुख्य रूप से यह दो बार, चैत्र नवरात्रि व शारदीय नवरात्रि के रूप में मनाई जाती है, जिनमें शारदीय नवरात्रि सर्वाधिक व्यापक रूप से मनाई जाती है।
मां दुर्गा से जुड़े प्रमुख मंदिर कौन-से हैं?
छतरपुर मंदिर (दिल्ली) व कामाख्या मंदिर (गुवाहाटी) उनसे जुड़े कुछ प्रमुख मंदिर हैं।
युद्ध हेतु मां दुर्गा को अस्त्र किसने दिए थे?
मान्यता है कि महिषासुर से युद्ध से पूर्व सभी देवताओं ने अपने-अपने अस्त्र मां दुर्गा को प्रदान किए थे, जैसे भगवान शिव का त्रिशूल व भगवान विष्णु का चक्र।