स्रोत एवं संदर्भ
पारदर्शिता बनाए रखने हेतु, आस्था संग्रह पर उपलब्ध हर प्रकार की सामग्री, अर्थात चालीसा, आरती, व्रत कथा व पंचांग, किस प्रकार सत्यापित व स्रोतित की जाती है, इसका विवरण यहां दिया गया है।
चालीसा, आरती एवं स्तोत्र
चालीसा, आरती व स्तोत्र निश्चित, सर्वमान्य भक्ति-पाठ हैं, अर्थात प्रत्येक भक्ति-वेबसाइट पर इनका पाठ शब्दशः एक समान होना अपेक्षित है। इसलिए प्रत्येक पाठ को दो या अधिक स्वतंत्र, विश्वसनीय स्रोतों से मिलाकर पंक्ति-दर-पंक्ति सत्यापित किया जाता है, इससे पहले कि उसे प्रकाशित किया जाए।
व्रत कथाएं
प्रत्येक व्रत कथा किसी एक प्रामाणिक स्रोत से ली जाती है, अधिकांशतः पारंपरिक हिंदी प्रकाशकों की पुरानी मुद्रित पुस्तिकाओं से, जिन्हें इंटरनेट आर्काइव पर डिजिटलीकृत किया गया है। कथा में कोई बदलाव या नई घटना नहीं जोड़ी जाती, केवल स्पष्ट मुद्रण-त्रुटियां सुधारी जाती हैं। प्रत्येक कथा पृष्ठ के 'इस कथा के बारे में' अनुभाग में उस विशेष पाठ के बारे में अधिक जानकारी दी गई है।
पंचांग
पंचांग के सभी मान, अर्थात तिथि, वार, नक्षत्र, योग व करण, वास्तविक खगोलीय गणनाओं (सूर्य व चंद्रमा की स्थिति) से निकाले जाते हैं, न कि किसी तीसरे पक्ष की सेवा से प्राप्त या अनुमानित किए जाते हैं। यह गणना नई दिल्ली के सूर्योदय के अनुसार की जाती है।
पर्व की तिथियां
प्रत्येक पर्व व व्रत की तिथि पंचांग की गणनाओं से सत्यापित की जाती है, तथा प्रत्येक वर्ष के लिए पुनः जांची जाती है, न कि पिछले वर्ष की तिथि से अनुमान लगाया जाता है।
कोई त्रुटि दिखे तो
इतने बड़े संग्रह में किसी पाठ में त्रुटि रह जाने की संभावना बनी रहती है। यदि आपको कोई त्रुटि दिखे, तो कृपया हमें अवश्य बताएं।
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