मुख्यदेवी-देवताभगवान श्रीराम
मर्यादा पुरुषोत्तम

भगवान श्रीराम

भगवान श्रीराम भगवान विष्णु के सातवें अवतार तथा अयोध्या के राजा हैं, जिन्हें मर्यादा पुरुषोत्तम, अर्थात आदर्श पुत्र, आदर्श पति व आदर्श राजा, के रूप में पूजा जाता है। यहां उनसे जुड़ी सभी चालीसा, आरती, पर्व, मंदिर व कथाएं एक साथ उपलब्ध हैं।

भगवान श्रीराम

भगवान श्रीराम माहात्म्य

भगवान श्रीराम का जन्म त्रेता युग में अयोध्या के राजा दशरथ व माता कौशल्या के घर, चैत्र मास की नवमी तिथि को हुआ था, जो प्रतिवर्ष राम नवमी के रूप में मनाई जाती है। उन्होंने रावण के अत्याचार से पृथ्वी को मुक्त कराने हेतु अवतार लिया, तथा अपने संपूर्ण जीवन में सत्य, धर्म व मर्यादा का पालन कर 'मर्यादा पुरुषोत्तम' की उपाधि प्राप्त की।

मिथिला नरेश जनक की पुत्री सीता से उनका विवाह शिव-धनुष तोड़ने के पश्चात हुआ, जिसकी स्मृति में विवाह पंचमी मनाई जाती है। चौदह वर्ष के वनवास, सीता-हरण, लंका पर विजय व रावण-वध के पश्चात उनकी अयोध्या वापसी की खुशी में ही दीपावली मनाई जाती है।

उनके तीनों भाई, लक्ष्मण, भरत व शत्रुघ्न, भ्रातृ-प्रेम व त्याग के आदर्श माने जाते हैं, तथा श्री हनुमान जी उनके सबसे बड़े भक्त व सेवक के रूप में पूजे जाते हैं। अयोध्या लौटने के पश्चात उनके शासनकाल को 'राम राज्य' कहा गया, जो आज भी न्यायपूर्ण, सुखी व आदर्श शासन का पर्याय माना जाता है।

भगवान श्रीराम से जुड़े पाठ

भगवान श्रीराम के बारे में

यह पृष्ठ भगवान श्रीराम से जुड़े सभी पाठों, अर्थात चालीसा, आरती, पर्व, मंदिर व पौराणिक प्रसंगों का एक संग्रह है, जो एक ही स्थान पर सुलभ है।

इस पृष्ठ की जानकारी बड़े अक्षरों व प्रिंट सुविधा सहित उपलब्ध है।

सामान्य प्रश्न

भगवान श्रीराम किसके अवतार हैं?

भगवान श्रीराम भगवान विष्णु के सातवें अवतार हैं, जिन्होंने रावण के अत्याचार से पृथ्वी को मुक्त कराने हेतु अवतार लिया था।

राम नवमी व विवाह पंचमी में क्या अंतर है?

राम नवमी भगवान श्रीराम के जन्म दिवस के रूप में मनाई जाती है, जबकि विवाह पंचमी उनके व माता सीता के विवाह की स्मृति में मनाई जाती है।

भगवान श्रीराम से जुड़ा प्रमुख मंदिर कौन-सा है?

अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर, जो उनकी जन्मभूमि पर बना है, उनसे जुड़ा सबसे प्रमुख मंदिर है।

'राम राज्य' का क्या अर्थ है?

यह भगवान श्रीराम के अयोध्या-वापसी के पश्चात के शासनकाल को कहा जाता है, जिसमें न्याय, समृद्धि व प्रजा-कल्याण सर्वोपरि थे, तथा आज भी यह आदर्श शासन का पर्याय माना जाता है।

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मुख्य जानकारी

अवतारभगवान विष्णु के सातवें अवतार
जन्मस्थानअयोध्या
पत्नीमाता सीता
प्रमुख ग्रंथवाल्मीकि रामायण, रामचरितमानस
प्रिय भक्तश्री हनुमान जी
भाईलक्ष्मण, भरत व शत्रुघ्न
पुत्रलव व कुश
प्रिय मंत्रश्री राम जय राम जय जय राम