योगदान करें
आस्था संग्रह केवल आंतरिक शोध से नहीं, बल्कि पाठकों के सहयोग से भी समृद्ध होता है। इसे और बेहतर बनाने में आप कई प्रकार से सहयोग कर सकते हैं।
नई सामग्री का सुझाव दें
यदि कोई चालीसा, आरती, व्रत कथा, पर्व, मंदिर या देवी-देवता अभी तक इस संग्रह में शामिल नहीं है, तो हमें उसका नाम बताएं। हर सुझाव पर विचार किया जाता है, भले ही उसे जोड़ने में कुछ समय लगे।
हमें लिखें →कोई प्रामाणिक स्रोत साझा करें
कई व्रत कथाओं की एक से अधिक क्षेत्रीय परंपराएं प्रचलित हैं, जिनमें से हर एक तक हमारी पहुंच नहीं हो पाती। यदि आपके पास किसी कथा की कोई पुरानी मुद्रित पुस्तिका, पारिवारिक परंपरा से चली आ रही कोई प्रामाणिक कथा, या किसी अन्य क्षेत्रीय पाठ की जानकारी हो, तो उसका विवरण हमें अवश्य भेजें। यदि आपने किसी कथा का कोई भिन्न पाठ सुना या पढ़ा हो, तो यह प्रायः उसी कथा की किसी अन्य प्रामाणिक परंपरा का हिस्सा होता है, इसे भी हमें ज़रूर बताएं।
हमें लिखें →त्रुटि की सूचना दें
किसी पाठ में त्रुटि दिखे, तो कृपया सूचित करें। हमारी सामग्री कैसे सत्यापित की जाती है, यह हमारे स्रोत एवं संदर्भ पृष्ठ पर देखें।
इसे आगे साझा करें
आस्था संग्रह पूर्णतः निःशुल्क है, इसलिए इसे बनाए रखने का एक बड़ा हिस्सा इसे अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना है। यदि यह संग्रह आपके काम आया हो, तो इसे अपने परिवार व मित्रों के साथ साझा करें।
लिखने के लिए तैयार हैं
अपना सुझाव, स्रोत या प्रतिक्रिया हमारे संपर्क पृष्ठ के माध्यम से भेजें।
संपर्क करेंअक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या सामग्री सुझाने के लिए कोई शुल्क या भुगतान है?
नहीं, सुझाव देना, स्रोत साझा करना व संग्रह को आगे बढ़ाने में सहयोग करना पूर्णतः निःशुल्क है, तथा इसके लिए हमारे संपर्क पृष्ठ के माध्यम से लिखना ही पर्याप्त है।
यदि मुझे किसी कथा का भिन्न पाठ पता हो तो क्या करूं?
यह प्रायः उसी कथा की किसी अन्य प्रामाणिक क्षेत्रीय परंपरा का हिस्सा होता है, इसलिए कृपया उसका विवरण, स्रोत सहित, हमारे संपर्क पृष्ठ के माध्यम से भेजें।
क्या हर सुझाव पर काम किया जाता है?
हर सुझाव पर विचार अवश्य किया जाता है, भले ही किसी नई चालीसा, आरती या कथा को शोध व सत्यापन के बाद जोड़ने में कुछ समय लगे।
बिना कुछ लिखे मैं कैसे योगदान कर सकता/सकती हूं?
आस्था संग्रह पूर्णतः निःशुल्क है, इसलिए इसे अपने परिवार व मित्रों के साथ साझा करना भी एक बड़ा योगदान है।