हमारे बारे में
आस्था संग्रह एक हिंदी भक्ति-साहित्य पुस्तकालय है, जो आरती, चालीसा, व्रत कथा, पर्व-त्योहार व मंदिरों से जुड़ी जानकारी एक ही स्थान पर, शुद्ध व सरल हिंदी में उपलब्ध कराता है।
हमारा उद्देश्य
इंटरनेट पर भक्ति-साहित्य प्रायः बिखरा हुआ, अशुद्ध या जटिल भाषा में मिलता है। आस्था संग्रह का उद्देश्य इसे बदलना है, अर्थात हर आरती, चालीसा व कथा को बड़े व स्पष्ट अक्षरों, सरल भाषा व सही अर्थ के साथ, हर आयु वर्ग के पाठकों तक सुलभ बनाना, चाहे वे युवा हों या वरिष्ठ नागरिक, जिन्हें सामान्य वेबसाइटों के छोटे अक्षर व जटिल लेआउट में पढ़ने में कठिनाई होती है।
हम क्या प्रदान करते हैं
हमारी प्रतिबद्धता
प्रत्येक चालीसा व आरती का पाठ कई प्रामाणिक स्रोतों से मिलाकर सत्यापित किया जाता है, तथा प्रत्येक व्रत कथा किसी एक प्रामाणिक स्रोत से यथावत ली जाती है, न कि अपने शब्दों में पुनर्लेखित की जाती है। पंचांग की गणनाएं वास्तविक खगोलीय आंकड़ों पर आधारित हैं, अनुमान पर नहीं, तथा प्रत्येक पर्व की तिथि पंचांग से सत्यापित की जाती है। यह मंच पूर्णतः निःशुल्क है।
सुझाव व त्रुटि सूचना
यदि आपको किसी पाठ में त्रुटि दिखे या कोई सुझाव देना हो, तो कृपया हमारे संपर्क पृष्ठ के माध्यम से हमें अवश्य बताएं। आपकी प्रतिक्रिया इस संग्रह को अधिक शुद्ध व उपयोगी बनाने में सहायक होती है।
संपर्क करेंअक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या आस्था संग्रह पूर्णतः निःशुल्क है?
हां, यह मंच पूर्णतः निःशुल्क है, तथा चालीसा, आरती, व्रत कथा, पंचांग व मंदिर से जुड़ी संपूर्ण सामग्री बिना किसी शुल्क के उपलब्ध है।
चालीसा व आरती की सामग्री कैसे सत्यापित की जाती है?
प्रत्येक चालीसा व आरती का पाठ कई प्रामाणिक स्रोतों से मिलाकर पंक्ति-दर-पंक्ति सत्यापित किया जाता है, इससे पहले कि उसे प्रकाशित किया जाए।
व्रत कथाओं में कोई बदलाव तो नहीं किया जाता?
नहीं, प्रत्येक व्रत कथा किसी एक प्रामाणिक स्रोत से यथावत ली जाती है, केवल स्पष्ट मुद्रण-त्रुटियां सुधारी जाती हैं, कथा में कोई नई घटना नहीं जोड़ी जाती।
पंचांग की तिथियां किस आधार पर तय होती हैं?
पंचांग की गणनाएं वास्तविक खगोलीय आंकड़ों पर आधारित हैं, अनुमान पर नहीं, तथा प्रत्येक पर्व की तिथि पंचांग से सत्यापित की जाती है।