मुख्यमंदिरश्री राम जन्मभूमि मंदिर, अयोध्या
सप्त पुरी · उत्तर प्रदेश

श्री राम जन्मभूमि मंदिर, अयोध्या

श्री राम जन्मभूमि मंदिर उत्तर प्रदेश के अयोध्या में सरयू नदी के तट पर स्थित भगवान राम का पावन जन्मस्थान है, जो हिंदू परंपरा की सप्त मोक्षदायिनी पुरियों में से एक है।

श्री राम जन्मभूमि मंदिर, अयोध्या का महत्व

अयोध्या को हिंदू परंपरा में सप्त मोक्षदायिनी पुरियों में से एक माना जाता है, यह सरयू नदी के तट पर बसी प्राचीन कोसल राज्य की राजधानी तथा रामायण के अनुसार भगवान राम की जन्मस्थली व राजा दशरथ के शासन की भूमि है। मान्यता है कि यहीं महाराज दशरथ के घर भगवान विष्णु ने राम के रूप में अवतार लिया था, जिस कारण यह स्थान करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए सर्वाधिक पावन तीर्थों में गिना जाता है।

राम चालीसा
चालीसा · राम जन्मभूमि पूजन में पाठ

नवंबर 2019 में भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने विवादित भूमि को मंदिर निर्माण हेतु एक न्यास को सौंपने का निर्णय दिया, तथा सरकार को मस्जिद निर्माण हेतु अन्यत्र वैकल्पिक भूमि देने का निर्देश भी दिया। इसी निर्णय के पश्चात वर्तमान मंदिर का निर्माण आरंभ हुआ, तथा 22 जनवरी 2024 को प्रधानमंत्री की उपस्थिति में राम लला की प्राण-प्रतिष्ठा संपन्न हुई। मंदिर नागर स्थापत्य शैली में, बिना लोहे व इस्पात के प्रयोग के, पूर्णतः पत्थर से निर्मित है, तथा गर्भगृह में राम लला की मूर्ति सरयू क्षेत्र के काले पत्थर (कृष्ण शिला) से गढ़ी गई है।

श्री राम जन्मभूमि मंदिर, अयोध्या दर्शन की जानकारी

सामान्य दर्शन निःशुल्क है तथा प्रातः लगभग 7 से 11:30 बजे व दोपहर 2 से 7 बजे के मध्य उपलब्ध रहता है। भीड़ से बचने हेतु आधिकारिक वेबसाइट पर निःशुल्क सुगम दर्शन पास पहले से बुक किया जा सकता है, जिससे प्रतीक्षा समय काफी कम हो जाता है।

अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर के अतिरिक्त हनुमानगढ़ी, कनक भवन व सरयू के घाट भी दर्शनीय हैं, तथा अधिकांश श्रद्धालु इन सभी स्थलों का भ्रमण एक ही यात्रा में करते हैं। दीपावली के समय आयोजित होने वाला भव्य दीपोत्सव भी विशेष रूप से देखने योग्य है।

श्री राम जन्मभूमि मंदिर, अयोध्या कैसे पहुंचें

निकटतम हवाई अड्डा
महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, अयोध्या (शहर में ही स्थित); लखनऊ का चौधरी चरण सिंह हवाई अड्डा (लगभग 130 किमी दूर) एक अन्य विकल्प है
निकटतम रेलवे स्टेशन
अयोध्या धाम जंक्शन, मंदिर से मात्र लगभग 2 किमी दूर; अयोध्या कैंट रेलवे स्टेशन (लगभग 11 किमी दूर) एक अन्य विकल्प है
सड़क मार्ग
लखनऊ, गोरखपुर व प्रयागराज सहित उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों से अयोध्या तक सुगम सड़क मार्ग उपलब्ध है।
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श्री राम जन्मभूमि मंदिर, अयोध्या के बारे में

श्री राम जन्मभूमि मंदिर भगवान राम को समर्पित एक पावन धाम है, जो सप्त मोक्षदायिनी पुरियों में से एक अयोध्या नगरी में स्थित है। इस पृष्ठ पर मंदिर का पौराणिक महत्व, इसके निर्माण व प्राण-प्रतिष्ठा से जुड़ी जानकारी, तथा यात्रा व दर्शन से जुड़ी सामान्य जानकारी दी गई है।

इस पृष्ठ की जानकारी बड़े अक्षरों व प्रिंट सुविधा सहित उपलब्ध है।

सामान्य प्रश्न

राम जन्मभूमि मंदिर कहां स्थित है?

यह उत्तर प्रदेश के अयोध्या में, सरयू नदी के तट के निकट स्थित है।

मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा कब हुई थी?

राम लला की प्राण-प्रतिष्ठा 22 जनवरी 2024 को हुई थी।

अयोध्या सप्त पुरी में क्यों गिनी जाती है?

अयोध्या भगवान राम की जन्मस्थली मानी जाती है, तथा हिंदू परंपरा में इसे सात मोक्षदायिनी पुरियों में से एक गिना जाता है।

क्या राम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन हेतु बुकिंग आवश्यक है?

सामान्य दर्शन निःशुल्क व बिना बुकिंग के उपलब्ध है, किंतु भीड़ से बचने हेतु आधिकारिक वेबसाइट पर निःशुल्क सुगम दर्शन पास पहले से बुक किया जा सकता है।

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यात्रा हेतु उचित समय

अक्टूबर से मार्च सर्वोत्तम रहता है, जब उत्तर भारत की भीषण गर्मी से राहत मिलती है। राम नवमी व दीपावली (जब अयोध्या में भव्य दीपोत्सव मनाया जाता है) के समय यहां विशेष भीड़ रहती है।

मुख्य जानकारी

देवताभगवान राम (राम लला)
स्थानअयोध्या, उत्तर प्रदेश
समूहसप्त मोक्षपुरी में से एक
प्राण-प्रतिष्ठा22 जनवरी 2024
स्थापत्यनागर शैली, लगभग 161 फीट ऊंचा