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श्वेत वर्ण और श्वेत वस्त्रों वाली

मां महागौरी

मां महागौरी नवदुर्गा का अष्टम स्वरूप हैं, जिनकी पूजा नवरात्रि के आठवें दिन, शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को होती है। देवी कवच में नौ स्वरूपों के क्रम में उनका नाम आठवें स्थान पर आता है।

मां महागौरी

मां महागौरी माहात्म्य

पौराणिक मान्यता के अनुसार सोलह वर्ष की आयु में देवी अत्यंत सुंदर और गौर वर्ण की थीं, इसी अत्यधिक गौर वर्ण के कारण वे महागौरी कहलाईं। उनके वर्ण की तुलना शंख, चंद्रमा और कुंद के श्वेत पुष्प से की जाती है।

शैलपुत्री की भांति उनका वाहन भी वृषभ है। उनकी चार भुजाएं हैं, दाहिने हाथों में त्रिशूल और अभय मुद्रा, बाएं हाथों में डमरू और वरद मुद्रा। वे केवल श्वेत वस्त्र धारण करती हैं, इसलिए श्वेताम्बरधरा कहलाती हैं, जैसा उनकी प्रार्थना में भी है।

मान्यता है कि मां महागौरी की उपासना से भक्त को सुख-समृद्धि व मनोकामना पूर्ति का आशीर्वाद मिलता है, और राहु ग्रह से जुड़े कष्टों में भी शांति मिलती है। उन्हें नारियल का भोग प्रिय है, और उनका प्रिय पुष्प रात की रानी माना जाता है।

मां महागौरी: मंत्र, प्रार्थना व स्तुति

मंत्र

ॐ देवी महागौर्यै नमः॥

प्रार्थना (ध्यान)

श्वेते वृषेसमारूढा श्वेताम्बरधरा शुचिः।महागौरी शुभं दद्यान्महादेव प्रमोददा॥

स्तुति

या देवी सर्वभूतेषु माँ महागौरी रूपेण संस्थिता।नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

देवी कवच में नवदुर्गा (श्लोक ३-५) →

प्रथमं शैलपुत्री च द्वितीयं ब्रह्मचारिणी।तृतीयं चन्द्रघण्टेति कूष्माण्डेति चतुर्थकम्॥पञ्चमं स्कन्दमातेति षष्ठं कात्यायनीति च।सप्तमं कालरात्रीति महागौरीति चाष्टमम्॥नवमं सिद्धिदात्री च नवदुर्गाः प्रकीर्तिताः।

मां महागौरी से जुड़े पाठ

मां महागौरी के बारे में

नवरात्रि के आठवें दिन प्रातः स्नान के बाद कलश के समक्ष मां महागौरी का ध्यान ऊपर दी गई प्रार्थना से करें, मंत्र का जप करें और भोग अर्पित करें। दुर्गा सप्तशती का सात-दिवसीय पाठ-क्रम सप्तमी तक पूरा हो जाता है, इसलिए इस दिन का कोई निर्धारित अध्याय नहीं है।

सामान्य प्रश्न

मां महागौरी की पूजा किस दिन होती है?

नवरात्रि के आठवें दिन, यानी चैत्र और आश्विन (शारदीय) दोनों नवरात्रियों में शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को।

मां महागौरी का मंत्र क्या है?

उनका मंत्र है "ॐ देवी महागौर्यै नमः"। साथ ही 'या देवी सर्वभूतेषु माँ महागौरी रूपेण संस्थिता' स्तुति का पाठ किया जाता है।

मां महागौरी का वाहन और स्वरूप कैसा है?

वाहन: वृषभ (बैल)। स्वरूप: चार भुजाएं, दाहिने हाथों में त्रिशूल व अभय मुद्रा, बाएं हाथों में डमरू व वरद मुद्रा।

नवरात्रि के आठवें दिन दुर्गा सप्तशती का कौन-सा पाठ करें?

दुर्गा सप्तशती का सात-दिवसीय पाठ-क्रम सप्तमी तक पूरा हो जाता है, इसलिए इस दिन का कोई निर्धारित अध्याय नहीं है।

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मुख्य जानकारी

नवरात्रि में पूजाआठवें दिन, शुक्ल अष्टमी
नवरात्रि 2026सोमवार, 19 अक्टूबर 2026 (अष्टमी व नवमी एक ही दिन)
नवरात्रि 2027गुरुवार, 7 अक्टूबर 2027
वाहनवृषभ (बैल)
स्वरूपचार भुजाएं, दाहिने हाथों में त्रिशूल व अभय मुद्रा, बाएं हाथों में डमरू व वरद मुद्रा
अन्य नामश्वेताम्बरधरा, वृषारूढ़ा
ग्रह (मान्यता)राहु
प्रिय पुष्परात की रानी
भोगनारियल
मंत्रॐ देवी महागौर्यै नमः