मोक्षदायिनी सुरसरिता

माँ गंगा

माँ गंगा स्वर्ग से पृथ्वी पर अवतरित मोक्षदायिनी नदी-देवी हैं, जिनके पावन जल में स्नान मात्र से पापों के नाश की मान्यता है। यहां उनसे जुड़ी आरती, व्रत कथा, पर्व व मंदिर एक साथ उपलब्ध हैं।

माँ गंगा

माँ गंगा माहात्म्य

मान्यता है कि माँ गंगा भगवान विष्णु के चरणों से प्रकट हुई थीं, जिस कारण उन्हें 'विष्णुपदी' भी कहा जाता है। राजा भगीरथ ने अपने पूर्वजों, अर्थात राजा सगर के साठ हजार पुत्रों, को श्राप से मुक्ति दिलाने हेतु कठोर तपस्या कर उन्हें स्वर्ग से पृथ्वी पर लाने का वरदान प्राप्त किया, जिस कारण गंगा के पृथ्वी पर अवतरण को 'भगीरथ प्रयास' के मुहावरे के रूप में भी स्मरण किया जाता है।

पृथ्वी पर उनके प्रचंड वेग को सहन करने हेतु भगवान शिव ने उन्हें अपनी जटाओं में धारण किया, तथा वहीं से उन्हें छोटी-छोटी धाराओं में पृथ्वी पर प्रवाहित किया। इसी कारण गंगा को शिव जी की जटाओं से जुड़ी नदी के रूप में भी पूजा जाता है, तथा हरिद्वार, वाराणसी व ऋषिकेश जैसे तटों पर उनकी संध्याकालीन आरती अत्यंत भव्यता से की जाती है।

उनके पावन जल में स्नान मात्र से पापों के नाश व मोक्ष-प्राप्ति की मान्यता है, जिस कारण उन्हें 'मोक्षदायिनी' भी कहा जाता है। गंगा दशहरा, ज्येष्ठ शुक्ल दशमी को, उनके पृथ्वी पर अवतरण दिवस के रूप में मनाई जाती है, जब भक्त गंगा-स्नान व दान-पुण्य करते हैं।

माँ गंगा से जुड़े पाठ

माँ गंगा के बारे में

यह पृष्ठ माँ गंगा से जुड़े सभी पाठों, अर्थात आरती, व्रत कथा, पर्व व मंदिर का एक संग्रह है, जो एक ही स्थान पर सुलभ है।

इस पृष्ठ की जानकारी बड़े अक्षरों व प्रिंट सुविधा सहित उपलब्ध है।

सामान्य प्रश्न

माँ गंगा को विष्णुपदी क्यों कहा जाता है?

मान्यता है कि वे भगवान विष्णु के चरणों से प्रकट हुई थीं, जिस कारण उन्हें 'विष्णुपदी' कहा जाता है।

गंगा जी को पृथ्वी पर कौन लाया था?

राजा भगीरथ ने अपने पूर्वजों की मुक्ति हेतु कठोर तपस्या कर उन्हें स्वर्ग से पृथ्वी पर लाने का वरदान प्राप्त किया था।

भगवान शिव का गंगा जी से क्या संबंध है?

गंगा जी के प्रचंड वेग को सहन करने हेतु भगवान शिव ने उन्हें अपनी जटाओं में धारण कर, वहीं से पृथ्वी पर प्रवाहित किया था।

गंगा दशहरा कब मनाई जाती है?

यह ज्येष्ठ मास की शुक्ल दशमी तिथि को, गंगा जी के पृथ्वी पर अवतरण दिवस के रूप में मनाई जाती है।

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मुख्य जानकारी

उत्पत्तिभगवान विष्णु के चरणों से (विष्णुपदी)
अवतरणराजा भगीरथ के तप से पृथ्वी पर
धारणकर्ताभगवान शिव की जटाओं में
प्रमुख घाटहरिद्वार, वाराणसी, ऋषिकेश
प्रमुख पर्वगंगा दशहरा
विशेषतापाप-नाश व मोक्षदायिनी नदी