मुख्यआरतीश्री खाटू श्याम आरती

श्री खाटू श्याम आरती

खाटू श्याम आरती, ॐ जय श्री श्याम हरे, बाबा श्याम की सबसे लोकप्रिय आरती है, जिसका पूर्ण पाठ यहां अर्थ सहित उपलब्ध है।

श्री खाटू श्याम आरती
कड़ी/

पाठ विवरण

रचनाकारअज्ञात
संरचना१ स्थायी · ७ कड़ी
पाठ समय४ मिनट
स्थायी

ॐ जय श्री श्याम हरे, बाबा जय श्री श्याम हरे।
खाटू धाम विराजत, अनुपम रूप धरे॥

कड़ी

रतन जड़ित सिंहासन, सिर पर चंवर ढुरे।
तन केसरिया बागो, कुण्डल श्रवण पड़े॥

गल पुष्पों की माला, सिर पर मुकुट धरे।
खेवत धूप अग्नि पर, दीपक ज्योति जले॥

मोदक खीर चूरमा, सुवरण थाल भरे।
सेवक भोग लगावत, सेवा नित्य करे॥

झांझ कटोरा और घडियावल, शंख मृदंग घुरे।
भक्त आरती गावे, जय-जयकार करे॥

जो ध्यावे फल पावे, सब दुःख से उबरे।
सेवक जन निज मुख से, श्री श्याम-श्याम उचरे॥

श्री श्याम बिहारी जी की आरती, जो कोई नर गावे।
कहत भक्त-जन, मनवांछित फल पावे॥

जय श्री श्याम हरे, बाबा जी श्री श्याम हरे।
निज भक्तों के तुमने, पूरण काज करे॥

इसी देवता की चालीसा
श्री खाटू श्याम चालीसा
चालीसा पढ़ें
इसी देवता की कथा
खाटू श्याम प्राकट्य कथा
कथा पढ़ें
काउंटर

व्रत में कई बार पाठ किया जाता है: ११, २१ या १०८ बार। इस काउंटर से अपनी पाठ गिनती सहेजें।

लक्ष्य चुनें
/ ११

श्री खाटू श्याम आरती पाठ विधि

एकादशी अथवा मंगलवार को संध्या समय दीप जलाकर पाठ करें। प्रत्येक कड़ी के बाद और पाठ के अंत में स्थायी पंक्ति 'ॐ जय श्री श्याम हरे' दोहराएं।

पाठ दिवस
एकादशी एवं मंगलवार
आगे पढ़ें · Next
श्री खाटू श्याम चालीसा
स्तोत्र · ७ मिनट
पाठ खोलें →

श्री खाटू श्याम आरती के बारे में

खाटू श्याम आरती बाबा श्याम अर्थात बर्बरीक की स्तुति में गाई जाने वाली सबसे लोकप्रिय आरती है, जिसमें उनके खाटू धाम स्थित रत्नजड़ित सिंहासन, शृंगार और भक्तों द्वारा किए जाने वाले भोग-पूजन का वर्णन है। आरती एक स्थायी पंक्ति और सात कड़ियों में रचित है, प्रत्येक कड़ी के बाद स्थायी पंक्ति दोहराई जाती है।

इस पृष्ठ पर पूरा पाठ शुद्ध देवनागरी में, प्रत्येक कड़ी के सरल हिंदी अर्थ के साथ दिया गया है। अक्षरों का आकार बढ़ाया जा सकता है, और पूरा पाठ प्रिंट भी किया जा सकता है।

आरती में रचयिता के नाम को लेकर विभिन्न संस्करणों में भिन्नता पाई जाती है, इस कारण इसे परंपरागत रचना माना जाता है। इसमें बर्बरीक अर्थात बाबा श्याम के खाटू धाम स्थित रत्नजड़ित सिंहासन, शृंगार और भोग का वर्णन है। यह आरती विशेष रूप से एकादशी और मंगलवार के अवसर पर भक्तों द्वारा गाई जाती है।

रचनाकार
अज्ञात
पारंपरिक रचना

सामान्य प्रश्न

खाटू श्याम आरती की रचना किसने की?

विभिन्न मुद्रित संस्करणों में रचयिता का नाम अलग-अलग मिलता है, इसलिए इसे परंपरागत रचना माना जाता है।

आरती की संरचना क्या है?

एक स्थायी पंक्ति और सात कड़ियां हैं। प्रत्येक कड़ी के बाद स्थायी पंक्ति दोहराई जाती है।

खाटू श्याम आरती पाठ का उत्तम समय क्या है?

एकादशी और मंगलवार को संध्या समय, दीप जलाकर गाना उत्तम माना जाता है।

क्या अर्थ जानना आवश्यक है?

आवश्यक नहीं, परंतु अर्थ सहित पाठ करने से भाव स्पष्ट होता है। इस पृष्ठ पर प्रत्येक कड़ी का सरल अर्थ साथ में दिया गया है।

संबंधित खोज