नवम्बर 2026 के व्रत-त्योहार: अहोई अष्टमी से देव दीपावली तक सभी तिथियां

नवम्बर 2026 में कार्तिक मास के सबसे बड़े पर्व पड़ रहे हैं: 1 नवम्बर को अहोई अष्टमी, 8 नवम्बर को दिवाली, 15 नवम्बर को छठ का संध्या अर्घ्य और 24 नवम्बर को कार्तिक पूर्णिमा व देव दीपावली (नई दिल्ली के पंचांग अनुसार)।
- 1 नवम्बर, रविवार
- अहोई अष्टमी, राधा कुंड स्नान
- 5 नवम्बर, गुरुवार
- रमा एकादशी, गोवत्स द्वादशी
- 6 नवम्बर, शुक्रवार
- धनतेरस, यम दीपदान, शुक्र प्रदोष
- 7 नवम्बर, शनिवार
- काली चौदस, हनुमान पूजा, मासिक शिवरात्रि
- 8 नवम्बर, रविवार
- नरक चतुर्दशी, दिवाली (लक्ष्मी पूजन), काली पूजा
- 9 नवम्बर, सोमवार
- कार्तिक अमावस्या (स्नान-दान)
- 10 नवम्बर, मंगलवार
- गोवर्धन पूजा, अन्नकूट, गुजराती नववर्ष
- 11 नवम्बर, बुधवार
- भाई दूज, यम द्वितीया, चित्रगुप्त पूजा
- 13 नवम्बर, शुक्रवार
- छठ: नहाय-खाय
- 14 नवम्बर, शनिवार
- छठ: खरना, लाभ पंचमी
- 15 नवम्बर, रविवार
- छठ: संध्या अर्घ्य, स्कंद षष्ठी
- 16 नवम्बर, सोमवार
- छठ: उषा अर्घ्य, वृश्चिक संक्रांति
- 17 नवम्बर, मंगलवार
- गोपाष्टमी
- 18 नवम्बर, बुधवार
- अक्षय नवमी (आंवला नवमी)
- 20 नवम्बर, शुक्रवार
- देवउठनी एकादशी
- 21 नवम्बर, शनिवार
- तुलसी विवाह, वैष्णव देवउठनी एकादशी
- 22 नवम्बर, रविवार
- रवि प्रदोष
- 23 नवम्बर, सोमवार
- वैकुंठ चतुर्दशी
- 24 नवम्बर, मंगलवार
- कार्तिक पूर्णिमा, देव दीपावली, गुरु नानक जयंती
- 27 नवम्बर, शुक्रवार
- संकष्टी चतुर्थी
दिवाली के पांच दिन, इस बार छह दिनों में
दीपोत्सव धनतेरस (6 नवम्बर) से भाई दूज (11 नवम्बर) तक चलता है, पर इस बार इसका क्रम सामान्य से अलग है। छोटी दिवाली, यानी नरक चतुर्दशी, और बड़ी दिवाली एक ही दिन, 8 नवम्बर को पड़ रही हैं: सुबह अभ्यंग स्नान और शाम को लक्ष्मी पूजन। फिर 9 नवम्बर को अमावस्या की सुबह स्नान-दान का दिन है, और गोवर्धन पूजा 10 नवम्बर को होगी। यानी इस बार दिवाली और गोवर्धन पूजा के बीच एक दिन खाली है।
छठ के चार दिन
छठ महापर्व 13 नवम्बर को नहाय-खाय से शुरू होगा, 14 नवम्बर को खरना के प्रसाद के साथ 36 घंटे का निर्जला व्रत आरंभ होगा, 15 नवम्बर की शाम डूबते सूर्य को और 16 नवम्बर की सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। नई दिल्ली में 15 नवम्बर को सूर्यास्त शाम 5:28 पर और 16 नवम्बर को सूर्योदय सुबह 6:44 पर है। पटना, वाराणसी या कोलकाता जैसे पूर्वी शहरों में सूर्यास्त और सूर्योदय इससे पहले होंगे, इसलिए अपने शहर का समय देख लें।
देवउठनी एकादशी और तुलसी विवाह
देवउठनी एकादशी पर भगवान विष्णु चार महीने की योगनिद्रा से जागते हैं, और इसके साथ चातुर्मास समाप्त होता है। इस बार गृहस्थों के लिए एकादशी 20 नवम्बर को है, जबकि वैष्णव परंपरा में व्रत 21 नवम्बर को रखा जाएगा। तुलसी विवाह 21 नवम्बर को है, जिसमें तुलसी जी का विवाह शालिग्राम रूप भगवान विष्णु से कराया जाता है, और इसके बाद से विवाह जैसे शुभ कार्यों का समय फिर से शुरू होता है।
कार्तिक पूर्णिमा और देव दीपावली
24 नवम्बर की कार्तिक पूर्णिमा पर पूरे कार्तिक मास का स्नान पूरा होता है, और गंगा व दूसरी पवित्र नदियों में स्नान-दान किया जाता है। इसी शाम काशी के घाटों पर देव दीपावली मनाई जाती है, जब लाखों दीयों से गंगा के घाट जगमगाते हैं; मान्यता है कि इस दिन देवता स्वयं दिवाली मनाने काशी आते हैं। यही दिन सिख परंपरा में गुरु नानक देव जी का प्रकाश पर्व, गुरु नानक जयंती, भी है।
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आपके सवाल
दिवाली 8 नवम्बर को है या 9 को?
8 नवम्बर को। अमावस्या 8 नवम्बर सुबह 11:27 से 9 नवम्बर दोपहर 12:31 तक है, और लक्ष्मी पूजन के लिए ज़रूरी प्रदोष काल में अमावस्या केवल 8 नवम्बर की शाम को है।
छठ का मुख्य अर्घ्य किस दिन है?
डूबते सूर्य को संध्या अर्घ्य 15 नवम्बर, रविवार को, और उगते सूर्य को उषा अर्घ्य 16 नवम्बर, सोमवार को है, जिसके बाद व्रत का पारण होता है।
देवउठनी एकादशी 20 को है या 21 को?
स्मार्त, यानी अधिकतर गृहस्थ, 20 नवम्बर को व्रत रखेंगे, और वैष्णव व इस्कॉन परंपरा के लोग 21 नवम्बर को। अपने परिवार या संप्रदाय की परंपरा के अनुसार दिन चुनें।
कार्तिक स्नान कब तक है?
कार्तिक मास का स्नान कार्तिक पूर्णिमा, 24 नवम्बर, को पूरा होता है। अगले दिन, 25 नवम्बर से उत्तर भारत में मार्गशीर्ष मास शुरू हो जाएगा।
तिथियां और समय द्रिक पंचांग व हमारे पंचांग से जांचे गए, नई दिल्ली के अनुसार।



