भाई दूज 2026: 11 नवम्बर को तिलक का शुभ समय दोपहर 1:10 से 3:20

भाई दूज बुधवार, 11 नवम्बर 2026 को है। भाई को तिलक करने का शुभ समय दोपहर 1:10 से 3:20 तक है (नई दिल्ली)।
- भाई दूज, यम द्वितीया
- बुधवार, 11 नवम्बर 2026
- तिलक का शुभ समय (अपराह्न)
- दोपहर 1:10 से 3:20 तक
- द्वितीया तिथि
- 10 नवम्बर दोपहर 2:00 से 11 नवम्बर दोपहर 3:53 तक
11 नवम्बर ही क्यों, और दोपहर का समय क्यों
भाई दूज का तिलक अपराह्न में किया जाता है, यानी दिन को पांच भागों में बांटने पर चौथे भाग में, जो दोपहर के बाद का समय है। द्वितीया तिथि 10 नवम्बर दोपहर 2:00 से शुरू हो रही है, इसलिए उस दिन का अपराह्न आधा ही द्वितीया में है। 11 नवम्बर को सूर्योदय भी द्वितीया में है और पूरा अपराह्न, 1:10 से 3:20, भी, इसलिए भाई दूज 11 नवम्बर को है। द्वितीया उसी दिन दोपहर 3:53 पर समाप्त हो जाएगी, इसलिए तिलक इससे पहले ही कर लें।
दोपहर के इस समय का कारण कथा में है: यमुना ने अपने भाई यमराज को इसी समय अपने घर भोजन कराया था। इसलिए सुबह पूजा की तैयारी करें, भाई को भोजन के लिए बुलाएं, और अपराह्न में तिलक कर भोजन कराएं।
यम और यमुना की कथा
सूर्यदेव की संतान यमराज और यमुना भाई-बहन हैं। यमुना बार-बार भाई को अपने घर बुलाती थीं, पर यमराज अपने कार्य में व्यस्त रहते। कार्तिक शुक्ल द्वितीया को वे बहन के घर पहुंचे, तो यमुना ने स्नान करवाकर तिलक किया, आरती उतारी और प्रेम से भोजन कराया। प्रसन्न होकर यमराज ने वर दिया कि जो भाई इस दिन बहन के घर जाकर तिलक करवाएगा और उसके हाथ का भोजन करेगा, उसे अकाल मृत्यु का भय नहीं रहेगा। इसीलिए इसे यम द्वितीया भी कहते हैं, और इस दिन मथुरा के विश्राम घाट पर भाई-बहन साथ यमुना स्नान करते हैं।
तिलक का क्रम
- थाली में रोली, अक्षत, दीपक, मिठाई, नारियल या गोला और कलावा रखें।
- भाई को पूर्व या उत्तर की ओर मुख करके बैठाएं, और सिर पर रूमाल या वस्त्र रखें।
- 1:10 से 3:20 के बीच माथे पर रोली और अक्षत का तिलक करें, आरती उतारें और कलावा बांधें।
- भाई को मिठाई खिलाकर भोजन कराएं; भाई बहन को उपहार देकर उसकी रक्षा का वचन देता है।
चित्रगुप्त पूजा और अलग-अलग नाम
यम द्वितीया को ही यमराज के लेखाकार भगवान चित्रगुप्त की पूजा होती है। कायस्थ परिवार इस दिन कलम-दवात और बहीखातों की पूजा करते हैं, और कई परिवारों में उस दिन लिखने-पढ़ने का काम पूजा के बाद ही शुरू होता है। महाराष्ट्र में इस पर्व को भाऊ बीज, बंगाल में भाई फोंटा और नेपाल में भाई टीका कहते हैं।
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आपके सवाल
भाई दूर रहता हो तो?
बहनें इस दिन पूजा कर भाई के नाम से तिलक की थाली सजाती हैं, और कलावा या मिठाई भेज देती हैं। आजकल कई परिवार वीडियो कॉल पर भी तिलक की रस्म निभाते हैं।
3:20 के बाद तिलक कर सकते हैं?
सबसे शुभ समय अपराह्न 1:10 से 3:20 है। देर हो जाए तो द्वितीया समाप्त होने, यानी दोपहर 3:53, से पहले तिलक अवश्य कर लें।
भाई दूज और रक्षाबंधन में क्या अंतर है?
रक्षाबंधन सावन पूर्णिमा को होता है और उसमें राखी मुख्य है, जबकि भाई दूज कार्तिक शुक्ल द्वितीया को दिवाली के बाद होता है और इसमें तिलक और बहन के घर भोजन मुख्य है।
तिथियां और समय द्रिक पंचांग व हमारे पंचांग से जांचे गए, नई दिल्ली के अनुसार।



