मुख्यदेवी-देवताभगवान भैरव
काशी के कोतवाल, शिव का उग्र स्वरूप

भगवान भैरव

भगवान भैरव शिव जी का उग्र स्वरूप हैं, जिन्हें काशी नगरी का रक्षक व 'कोतवाल' माना जाता है। यहां उनसे जुड़ी सभी चालीसा, पर्व व मंदिर एक साथ उपलब्ध हैं।

भगवान भैरव

भगवान भैरव माहात्म्य

एक प्रसिद्ध कथा के अनुसार जब भगवान ब्रह्मा के अहंकार को शांत करने हेतु भगवान शिव ने उग्र रूप धारण किया, तो इसी क्रम में ब्रह्मा जी के पांचवें मस्तक का छेदन हो गया। इस ब्रह्महत्या के दोष से मुक्ति हेतु भैरव जी को वर्षों तक कपाल हाथ में लिए भिक्षाटन करना पड़ा, जो अंततः काशी पहुंचकर ही समाप्त हुआ, जिस कारण उन्हें काशी का रक्षक व 'कोतवाल' माना जाता है।

उज्जैन स्थित काल भैरव मंदिर उनके सर्वाधिक प्रसिद्ध पीठों में से एक है, जहां भक्तों द्वारा उन्हें मदिरा अर्पित करने की अनूठी परंपरा है, जिसे मूर्ति द्वारा सीधे ग्रहण किया जाना भक्तों के मध्य एक विस्मयकारी अनुभव माना जाता है।

भैरव जी के आठ स्वरूप, अर्थात अष्ट भैरव, पूजे जाते हैं, जो सौम्य बटुक भैरव (विशेषकर विद्यार्थियों द्वारा पूजित) से लेकर उग्र काल भैरव तक विस्तृत हैं। उनका वाहन श्वान (कुत्ता) है, जिस कारण उन्हें प्रसन्न करने हेतु श्वानों को भोजन कराना शुभ माना जाता है। कालभैरव जयंती, मार्गशीर्ष कृष्ण अष्टमी को, उनके प्राकट्य दिवस के रूप में मनाई जाती है।

भगवान भैरव से जुड़े पाठ

भगवान भैरव के बारे में

यह पृष्ठ भगवान भैरव से जुड़े सभी पाठों, अर्थात चालीसा, पर्व व मंदिर का एक संग्रह है, जो एक ही स्थान पर सुलभ है।

इस पृष्ठ की जानकारी बड़े अक्षरों व प्रिंट सुविधा सहित उपलब्ध है।

सामान्य प्रश्न

भगवान भैरव व शिव जी में क्या संबंध है?

भैरव जी को भगवान शिव का ही उग्र अवतार माना जाता है, जो ब्रह्मा जी के अहंकार को शांत करने हेतु प्रकट हुआ था।

काल भैरव मंदिर उज्जैन में मदिरा अर्पित करने की परंपरा क्यों है?

यह भैरव जी के उग्र स्वरूप की पूजा-परंपरा का एक अंग है, जहां भक्तों द्वारा अर्पित मदिरा मूर्ति द्वारा सीधे ग्रहण की जाती हुई मानी जाती है।

कालभैरव जयंती कब मनाई जाती है?

यह मार्गशीर्ष मास की कृष्ण अष्टमी तिथि को, भैरव जी के प्राकट्य दिवस के रूप में मनाई जाती है।

भगवान भैरव का वाहन क्या है?

उनका वाहन श्वान (कुत्ता) है, जिस कारण उन्हें प्रसन्न करने हेतु श्वानों को भोजन कराना शुभ माना जाता है।

संबंधित खोज

मुख्य जानकारी

स्वरूपभगवान शिव का उग्र अवतार
प्रमुख पीठकाल भैरव मंदिर, उज्जैन
वाहनश्वान (कुत्ता)
भूमिकाकाशी के कोतवाल (रक्षक)
स्वरूप-भेदअष्ट भैरव (बटुक से काल भैरव तक)
प्रमुख पर्वकालभैरव जयंती