बागेश्वर धाम, गढ़ा
बागेश्वर धाम मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में गढ़ा गांव में स्थित भगवान हनुमान (बालाजी सरकार) का एक प्रसिद्ध धाम है, जो अपनी अर्जी परंपरा व दिव्य दरबार के लिए विगत वर्षों में देशभर में अत्यंत प्रसिद्ध हुआ है।

बागेश्वर धाम, गढ़ा का महत्व
बागेश्वर धाम को हनुमान जी की एक सिद्ध पीठ माना जाता है, जिसकी मान्यता लगभग 300 वर्ष पुरानी बताई जाती है व इसे चंदेल कालीन परंपरा से जोड़ा जाता है। यहां श्रद्धालुओं की मान्यता है कि बालाजी सरकार स्वयं भक्तों की समस्याओं को बिना बोले ही जान लेते हैं, तथा 'अर्जी' के माध्यम से उनका समाधान बताते हैं।
इस धाम की स्थापना पीढ़ियों पूर्व एक संन्यासी बाबा द्वारा की गई मानी जाती है, तथा वर्तमान पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (जन्म 1996) इसी परंपरा की तीसरी पीढ़ी हैं। उनके द्वारा प्रत्येक मंगलवार व शनिवार को आयोजित 'दिव्य दरबार' ने पिछले कुछ वर्षों में इस धाम को देशभर में अत्यंत प्रसिद्ध बना दिया है, तथा यहां निःशुल्क भोजन (अन्नपूर्णा रसोई) व निर्धन कन्याओं के सामूहिक विवाह जैसे सेवा कार्य भी संचालित होते हैं।
बागेश्वर धाम, गढ़ा दर्शन की जानकारी
बागेश्वर धाम की सबसे विशिष्ट परंपरा है 'अर्जी', श्रद्धालु अपनी मनोकामना या समस्या एक पर्ची पर लिखकर नारियल को कपड़े में बांधते हैं (सामान्य विषयों हेतु लाल, विवाह संबंधी हेतु पीला, तथा नकारात्मक बाधा संबंधी मान्यताओं हेतु काला कपड़ा), तथा उसे धाम परिसर में निर्धारित स्थान पर अर्पित करते हैं। जो श्रद्धालु प्रत्यक्ष रूप से नहीं आ सकते, वे यह अर्जी श्रद्धापूर्वक घर से भी अर्पित कर सकते हैं।
अत्यधिक भीड़ के कारण दिव्य दरबार व दर्शन हेतु टोकन व्यवस्था लागू की गई है, जिसकी प्रक्रिया समय-समय पर बदलती रहती है, अतः यात्रा से पूर्व धाम की आधिकारिक जानकारी अवश्य देख लें। सामान्य दिनों में भी यहां हनुमान जी के दर्शन हेतु श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहती है।
बागेश्वर धाम, गढ़ा कैसे पहुंचें
बागेश्वर धाम, गढ़ा के बारे में
बागेश्वर धाम मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित भगवान हनुमान का एक प्रसिद्ध धाम है। इस पृष्ठ पर इसकी मान्यता, अर्जी परंपरा तथा यात्रा व दर्शन से जुड़ी सामान्य जानकारी दी गई है।
इस पृष्ठ की जानकारी बड़े अक्षरों व प्रिंट सुविधा सहित उपलब्ध है।
सामान्य प्रश्न
बागेश्वर धाम कहां स्थित है?
यह मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में गढ़ा गांव में, खजुराहो-पन्ना मार्ग पर, छतरपुर से लगभग 25 किमी दूर स्थित है।
बागेश्वर धाम में अर्जी क्या है?
अर्जी वह परंपरा है जिसमें श्रद्धालु अपनी मनोकामना या समस्या लिखकर नारियल को रंगीन कपड़े में बांधकर धाम में अर्पित करते हैं, जिसका समाधान बालाजी सरकार की कृपा से मिलने की मान्यता है।
दिव्य दरबार कब आयोजित होता है?
दिव्य दरबार प्रत्येक मंगलवार व शनिवार को आयोजित होता है, जिसमें पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री उपस्थित रहते हैं।
बागेश्वर धाम के वर्तमान पीठाधीश्वर कौन हैं?
वर्तमान पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री हैं, जो इस धाम की परंपरा की तीसरी पीढ़ी हैं।
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यात्रा हेतु उचित समय
अक्टूबर से मार्च का समय सर्वोत्तम रहता है। दिव्य दरबार प्रत्येक मंगलवार व शनिवार को आयोजित होता है, जब यहां असाधारण भीड़ रहती है, दर्शन हेतु टोकन व्यवस्था लागू है, अतः यात्रा से पूर्व आधिकारिक जानकारी अवश्य जांच लें।