मुख्यमंदिरकाशी विश्वनाथ मंदिर
ज्योतिर्लिंग एवं सप्त पुरी · उत्तर प्रदेश

काशी विश्वनाथ मंदिर

काशी विश्वनाथ मंदिर उत्तर प्रदेश के वाराणसी में गंगा नदी के तट पर स्थित भगवान शिव का पावन धाम है, जो बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक माना जाता है।

काशी विश्वनाथ मंदिर

काशी विश्वनाथ मंदिर का महत्व

काशी (वाराणसी) को हिंदू परंपरा में सबसे पावन नगरियों में से एक तथा भगवान शिव का स्वयं का निवास स्थान माना जाता है। मान्यता है कि यहां देहत्याग करने वाले को मोक्ष की प्राप्ति होती है, जिस कारण काशी को मोक्षदायिनी सप्त पुरियों में भी गिना जाता है। काशी विश्वनाथ मंदिर इसी नगरी के केंद्र में स्थित बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है।

शिव चालीसा
चालीसा · काशी विश्वनाथ पूजन में पाठ

मंदिर का इतिहास अनेक विध्वंस व पुनर्निर्माण से भरा है, अकबर के शासनकाल में राजा मानसिंह ने मंदिर बनवाया, जिसे 1585 में राजा टोडरमल ने पुनर्निर्मित किया। 1669 में औरंगजेब ने मंदिर को ध्वस्त कर दिया, जिसके पश्चात 1780 में इंदौर की महारानी अहिल्याबाई होल्कर ने निकटवर्ती स्थान पर वर्तमान मंदिर का निर्माण करवाया। 19वीं शताब्दी में महाराजा रणजीत सिंह ने मंदिर के शिखरों पर स्वर्ण मंडित करवाया।

काशी विश्वनाथ मंदिर दर्शन की जानकारी

2021 में उद्घाटित काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर ने मंदिर को गंगा घाट से सीधे जोड़ दिया है, जिससे श्रद्धालु गंगा स्नान के पश्चात सीधे मंदिर तक पहुंच सकते हैं। इस पुनर्विकास के पश्चात मंदिर में दर्शनार्थियों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है, तथा वर्तमान में प्रतिदिन औसतन हजारों श्रद्धालु दर्शन करते हैं।

मंदिर में सामान्य दर्शन निःशुल्क है, किंतु भीड़ से बचने हेतु सुगम दर्शन (शुल्क सहित त्वरित पंक्ति) व VIP दर्शन के विकल्प भी उपलब्ध हैं, जिनकी बुकिंग आधिकारिक वेबसाइट पर पहले से की जा सकती है। श्रद्धालु प्रायः काशी विश्वनाथ दर्शन के साथ ही निकटवर्ती गंगा आरती (दशाश्वमेध घाट) भी देखते हैं।

काशी विश्वनाथ मंदिर कैसे पहुंचें

निकटतम हवाई अड्डा
लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, वाराणसी (लगभग 25 किमी दूर)
निकटतम रेलवे स्टेशन
वाराणसी जंक्शन, मंदिर से मात्र लगभग 4 किमी दूर
सड़क मार्ग
वाराणसी शहर के भीतर सुगम सड़क मार्ग उपलब्ध है, किंतु विश्वनाथ गली में वाहनों की अनुमति नहीं है, अतः अंतिम कुछ दूरी पैदल तय करनी होती है।
दिशा-निर्देश पाएं

काशी विश्वनाथ मंदिर के बारे में

काशी विश्वनाथ मंदिर भगवान शिव को समर्पित एक पावन धाम है, जो बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक माना जाता है। इस पृष्ठ पर मंदिर का पौराणिक महत्व, इसका इतिहास, तथा यात्रा व दर्शन से जुड़ी सामान्य जानकारी दी गई है।

इस पृष्ठ की जानकारी बड़े अक्षरों व प्रिंट सुविधा सहित उपलब्ध है।

सामान्य प्रश्न

काशी विश्वनाथ मंदिर कहां स्थित है?

यह उत्तर प्रदेश के वाराणसी में, गंगा नदी के तट के निकट स्थित है।

वर्तमान मंदिर का निर्माण किसने करवाया था?

1669 में औरंगजेब द्वारा मूल मंदिर ध्वस्त किए जाने के पश्चात, 1780 में इंदौर की महारानी अहिल्याबाई होल्कर ने निकटवर्ती स्थान पर वर्तमान मंदिर का निर्माण करवाया।

काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर क्या है?

यह 2021 में उद्घाटित एक पुनर्विकास परियोजना है, जो मंदिर को गंगा घाट से सीधे जोड़ती है, जिससे दर्शनार्थियों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है।

क्या काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन हेतु बुकिंग आवश्यक है?

सामान्य दर्शन निःशुल्क व बिना बुकिंग के उपलब्ध है, किंतु सुगम दर्शन, VIP दर्शन तथा विशेष आरतियों (मंगला आरती, सप्तर्षि आरती आदि) के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर पूर्व बुकिंग आवश्यक होती है।

संबंधित खोज

यात्रा हेतु उचित समय

अक्टूबर से मार्च सर्वोत्तम रहता है, जब उत्तर भारत की भीषण गर्मी से राहत मिलती है। मंगला आरती (तड़के) व सप्तर्षि आरती (रात्रि) के समय विशेष अनुभव मिलता है, किंतु इनके लिए पूर्व बुकिंग आवश्यक होती है।

लाइव दर्शन देखें

मुख्य जानकारी

देवताभगवान शिव
स्थानवाराणसी, उत्तर प्रदेश
समूह१२ ज्योतिर्लिंगों में से एक
वर्तमान स्वरूप1780, अहिल्याबाई होल्कर द्वारा निर्मित
विशेषताकाशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर (2021)