गोरखनाथ मंदिर, गोरखपुर
गोरखनाथ मंदिर उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में स्थित नाथ संप्रदाय के आदि गुरु, गुरु गोरखनाथ का एक प्रमुख मठ है, गोरखपुर नगर का नाम भी इन्हीं के नाम पर पड़ा है। यह मंदिर अपने वार्षिक खिचड़ी मेले के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध है।
गोरखनाथ मंदिर, गोरखपुर का महत्व
गुरु गोरखनाथ नाथ संप्रदाय (हठ योग परंपरा) के प्रमुख प्रवर्तकों में से एक तथा गुरु मत्स्येंद्रनाथ के शिष्य माने जाते हैं। इसी स्थान पर उन्होंने अपनी साधना की थी, जिस कारण गोरखपुर नगर का नाम भी उन्हीं के नाम पर रखा गया। भक्तगण उन्हें एक सिद्ध योगी व शिव से संबद्ध दिव्य स्वरूप मानते हैं।
लगभग 52 एकड़ में फैले इस मठ परिसर में गुरु गोरखनाथ की समाधि व गद्दी स्थित है, तथा यहां 'दिव्य ज्योति' नामक एक अखंड ज्योति सदियों से प्रज्वलित मानी जाती है। परिसर में गोशाला तथा शिव, गणेश, काली व भैरव सहित अन्य देवी-देवताओं के मंदिर भी स्थित हैं। मठ के महंत पद की परंपरा में दिग्विजयनाथ (1935-1969) व अवैद्यनाथ (1969-2014) के पश्चात वर्तमान महंत योगी आदित्यनाथ हैं, जो वर्ष 2014 से इस पद पर हैं तथा वर्ष 2017 से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री भी हैं।
गोरखनाथ मंदिर, गोरखपुर दर्शन की जानकारी
गोरखनाथ मंदिर का सबसे बड़ा आयोजन खिचड़ी मेला है, जो मकर संक्रांति से आरंभ होकर लगभग एक माह तक चलता है, इस दौरान भारत व नेपाल से लाखों श्रद्धालु यहां आकर गुरु गोरखनाथ को खिचड़ी अर्पित करते हैं।
मंदिर परिसर में स्थित गोशाला व विभिन्न देवी-देवताओं की दीर्घा भी दर्शनार्थियों के लिए आकर्षण का केंद्र है। नेपाल के गोरखा जिले में भी गोरखनाथ को समर्पित एक सहयोगी मंदिर स्थित है।
गोरखनाथ मंदिर, गोरखपुर कैसे पहुंचें
गोरखनाथ मंदिर, गोरखपुर के बारे में
गोरखनाथ मंदिर उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में स्थित नाथ संप्रदाय का एक प्रमुख व प्रसिद्ध मठ है। इस पृष्ठ पर इसका ऐतिहासिक व पौराणिक महत्व, खिचड़ी मेला परंपरा तथा यात्रा व दर्शन से जुड़ी सामान्य जानकारी दी गई है।
इस पृष्ठ की जानकारी बड़े अक्षरों व प्रिंट सुविधा सहित उपलब्ध है।
सामान्य प्रश्न
गोरखनाथ मंदिर कहां स्थित है?
यह उत्तर प्रदेश के गोरखपुर शहर में स्थित है, जिसका नाम भी गुरु गोरखनाथ के नाम पर रखा गया है।
नाथ संप्रदाय क्या है?
नाथ संप्रदाय हठ योग की एक प्राचीन परंपरा है, जिसकी स्थापना गुरु मत्स्येंद्रनाथ व उनके शिष्य गुरु गोरखनाथ द्वारा की गई मानी जाती है, तथा गोरखनाथ मंदिर इसका प्रमुख केंद्र है।
खिचड़ी मेला कब आयोजित होता है?
यह मकर संक्रांति के दिन से आरंभ होकर लगभग एक माह तक चलता है, जिसमें श्रद्धालु गुरु गोरखनाथ को खिचड़ी अर्पित करते हैं।
गोरखनाथ मंदिर के वर्तमान महंत कौन हैं?
वर्तमान महंत योगी आदित्यनाथ हैं, जो वर्ष 2014 से इस पद पर हैं।
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यात्रा हेतु उचित समय
अक्टूबर से मार्च का समय सर्वोत्तम रहता है। मकर संक्रांति से आरंभ होने वाला एक माह लंबा खिचड़ी मेला यहां का सबसे बड़ा आयोजन है, जब देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु यहां आते हैं।