श्री एकाम्बरेश्वर मंदिर, कांचीपुरम
एकाम्बरेश्वर मंदिर तमिलनाडु के कांचीपुरम में स्थित भगवान शिव का एक अत्यंत प्राचीन मंदिर है, जो हिंदू परंपरा की सप्त मोक्षदायिनी पुरियों में से एक तथा पंचभूत स्थलों में पृथ्वी तत्व का प्रतिनिधित्व करने वाला मंदिर है।
श्री एकाम्बरेश्वर मंदिर, कांचीपुरम का महत्व
मान्यता है कि माता पार्वती ने वेगावती नदी के तट पर एक आम्रवृक्ष के नीचे शिव जी को प्राप्त करने हेतु कठोर तपस्या की थी। उनकी भक्ति की परीक्षा लेने हेतु शिव जी ने अग्नि व गंगा की बाढ़ भेजी, किंतु माता ने बालू से बनाए गए शिवलिंग को अपने आलिंगन में लेकर उसकी रक्षा की, इसी कारण शिव जी स्वयं उस लिंग में समा गए, जिससे उन्हें 'तज़ुव कुज़ैंदार' (आलिंगन में पिघल जाने वाले) कहा गया, तथा तत्पश्चात उन्होंने माता से विवाह किया। एक आम्रवृक्ष (एक आम्र) के नीचे हुई इस घटना के कारण भगवान शिव यहां 'एकाम्बरेश्वर' कहलाए।
कांचीपुरम हिंदू परंपरा की सप्त मोक्षदायिनी पुरियों में से एक है, तथा एकाम्बरेश्वर मंदिर पंचभूत स्थलों में पृथ्वी तत्व का प्रतिनिधित्व करता है, यहां शिव जी 'पृथ्वी लिंगम' के रूप में पूजे जाते हैं। इस मंदिर का मूल निर्माण पल्लव राजाओं द्वारा करवाया गया था, जिसे बाद में चोल राजाओं ने पुनर्निर्मित किया, तथा विजयनगर सम्राट कृष्णदेवराय ने वर्ष 1509-29 के मध्य 11 मंजिला, लगभग 194 फुट ऊंचा भव्य गोपुरम व सहस्र-स्तंभ मंडप का निर्माण करवाया।
श्री एकाम्बरेश्वर मंदिर, कांचीपुरम दर्शन की जानकारी
मंदिर परिसर में स्थित प्राचीन आम्रवृक्ष, जिसे लगभग 3,500 वर्ष पुराना बताया जाता है, श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र है, मान्यता है कि इसकी चार शाखाओं से चार भिन्न स्वाद के आम फलित होते हैं। यह वृक्ष उसी स्थान का प्रतीक माना जाता है जहां माता पार्वती ने अपनी तपस्या की थी।
कांचीपुरम को 'हजार मंदिरों का नगर' भी कहा जाता है, तथा एकाम्बरेश्वर मंदिर के साथ-साथ यहां कामाक्षी अम्मन मंदिर व वरदराज पेरुमल मंदिर (विष्णु के 108 दिव्य देशमों में से एक) भी दर्शनीय हैं, जिस कारण अधिकांश श्रद्धालु एक ही यात्रा में इन प्रमुख मंदिरों के दर्शन करते हैं।
श्री एकाम्बरेश्वर मंदिर, कांचीपुरम कैसे पहुंचें
श्री एकाम्बरेश्वर मंदिर, कांचीपुरम के बारे में
एकाम्बरेश्वर मंदिर तमिलनाडु के कांचीपुरम में स्थित भगवान शिव का एक अत्यंत प्राचीन व प्रसिद्ध मंदिर है। इस पृष्ठ पर इसका पौराणिक महत्व, स्थापत्य इतिहास तथा यात्रा व दर्शन से जुड़ी सामान्य जानकारी दी गई है।
इस पृष्ठ की जानकारी बड़े अक्षरों व प्रिंट सुविधा सहित उपलब्ध है।
सामान्य प्रश्न
एकाम्बरेश्वर मंदिर कहां स्थित है?
यह तमिलनाडु के कांचीपुरम में स्थित है, जो चेन्नई से लगभग 75 किमी दूर है।
एकाम्बरेश्वर नाम का क्या अर्थ है?
यह नाम 'एक आम्र वृक्ष के स्वामी' के अर्थ में प्रयुक्त होता है, जो माता पार्वती की तपस्या व शिव जी के उनसे विवाह की कथा से जुड़ा है, जो एक आम्रवृक्ष के नीचे घटित हुई थी।
पंचभूत स्थलों में इस मंदिर का क्या स्थान है?
एकाम्बरेश्वर मंदिर पंचभूत स्थलों में पृथ्वी तत्व का प्रतिनिधित्व करता है, जहां शिव जी 'पृथ्वी लिंगम' के रूप में पूजे जाते हैं।
मंदिर के आम्रवृक्ष की क्या विशेषता है?
यह वृक्ष लगभग 3,500 वर्ष पुराना बताया जाता है, तथा मान्यता है कि इसकी चार शाखाओं से चार भिन्न स्वाद के आम फलित होते हैं।
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